श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.77.6

दशम स्कन्ध · अध्याय 77 · अथ सप्तसप्ततितमोऽध्यायः

इन्द्रप्रस्थं गतः कृष्ण आहूतो धर्मसूनुना।

राजसूयेऽथ निर्वृत्ते शिशुपाले च संस्थिते॥ ६

indraprasthaṃ gataḥ kṛṣṇa āhūto dharmasūnunā|

rājasūye'tha nirvṛtte śiśupāle ca saṃsthite|| 6

अर्थ

उन दिनों भगवान् श्रीकृष्ण धर्मराज युधिष्ठिरके बुलानेसे इन्द्रप्रस्थ गये हुए थे। राजसूय यज्ञ हो चुका था और शिशुपालकी भी मृत्यु हो गयी थी॥ ६॥

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