श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.79.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 79 · अथैकोनाशीतितमोऽध्यायः

तत्रायुतमदाद् धेनूर्ब्राह्मणेभ्यो हलायुधः।✎ 1191

कृतमालां ताम्रपर्णीं मलयं च कुलाचलम्॥ १६

tatrāyutamadād dhenūrbrāhmaṇebhyo halāyudhaḥ|

kṛtamālāṃ tāmraparṇīṃ malayaṃ ca kulācalam|| 16

अर्थ

वहाँ बलरामजीने ब्राह्मणोंको दस हजार गौएँ दान कीं। फिर वहाँसे कृतमाला और ताम्रपर्णी नदियोंमें स्नान करते हुए वे मलयपर्वतपर गये। वह पर्वत सात कुलपर्वतोंमेंसे एक है॥ १६॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1191 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): धेनूर्ब्ह्मणेभ्यो → धेनूर्ब्राह्मणेभ्यो

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