भला जिसे प्रद्युम्न, अनिरुद्ध यहाँतक कि बलराम और भगवान् श्रीकृष्ण भी न बचा सके, उसकी रक्षा करनेमें और कौन समर्थ है?॥ ४१॥
न प्रद्युम्नो नानिरुद्धो न रामो न च केशवः।
यस्य शेकुः परित्रातुं कोऽन्यस्तदवितेश्वरः॥ ४१
भला जिसे प्रद्युम्न, अनिरुद्ध यहाँतक कि बलराम और भगवान् श्रीकृष्ण भी न बचा सके, उसकी रक्षा करनेमें और कौन समर्थ है?॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.89.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 697) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/89/41/