श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.14.4

एकादश स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

तेन प्रोक्ता च पुत्राय मनवे पूर्वजाय सा।

ततो भृग्वादयोऽगृह्णन् सप्त ब्रह्ममहर्षयः॥ ४

tena proktā ca putrāya manave pūrvajāya sā|

tato bhṛgvādayo'gṛhṇan sapta brahmamaharṣayaḥ|| 4

अर्थ

ब्रह्माने अपने ज्येष्ठ पुत्र स्वायम्भुव मनुको उपदेश किया और उनसे भृगु, अंगिरा, मरीचि, पुलह, अत्रि, पुलस्त्य और क्रतु—इन सात प्रजापति-महर्षियोंने ग्रहण किया॥ ४॥

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