श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

एकादश स्कन्ध

31 अध्याय · 1367 श्लोक

॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

श्रीमद्भागवतमहापुराणम्

एकादशः स्कन्धः

  1. 1अथ प्रथमोऽध्यायःयदुवंशको ऋषियोंका शाप24 श्लोक
    पृष्ठ 709
  2. 2अथ द्वितीयोऽध्यायःवसुदेवजीके पास श्रीनारदजीका आना और उन्हें राजा जनक तथा नौ योगीश्‍वरोंका संवाद सुनाना55 श्लोक
    पृष्ठ 713
  3. 3अथ तृतीयोऽध्यायःमाया, मायासे पार होनेके उपाय तथा ब्रह्म और कर्मयोगका निरूपण55 श्लोक
    पृष्ठ 721
  4. 4अथ चतुर्थोऽध्यायःभगवान्‌के अवतारोंका वर्णन23 श्लोक
    पृष्ठ 732
  5. 5अथ पञ्चमोऽध्यायःभक्तिहीन पुरुषोंकी गति और भगवान्‌की पूजाविधिका वर्णन52 श्लोक
    पृष्ठ 736
  6. 6अथ षष्ठोऽध्यायःदेवताओंकी भगवान्‌से स्वधाम सिधारनेके लिये प्रार्थना तथा यादवोंको प्रभासक्षेत्र जानेकी तैयारी करते देखकर उद्धवका भगवान्‌के पास आना50 श्लोक
    पृष्ठ 744
  7. 7अथ सप्तमोऽध्यायःअवधूतोपाख्यान—पृथ्वीसे लेकर कबूतरतक आठ गुरुओंकी कथा74 श्लोक
    पृष्ठ 751
  8. 8अथाष्टमोऽध्यायःअवधूतोपाख्यान—अजगरसे लेकर पिंगलातक नौ गुरुओंकी कथा44 श्लोक
    पृष्ठ 763
  9. 9अथ नवमोऽध्यायःअवधूतोपाख्यान—कुररसे लेकर भृंगीतक सात गुरुओंकी कथा33 श्लोक
    पृष्ठ 769
  10. 10अथ दशमोऽध्यायःलौकिक तथा पारलौकिक भोगोंकी असारताका निरूपण37 श्लोक
    पृष्ठ 774
  11. 11अथैकादशोऽध्यायःबद्ध, मुक्त और भक्तजनोंके लक्षण49 श्लोक
    पृष्ठ 781
  12. 12अथ द्वादशोऽध्यायःसत्संगकी महिमा और कर्म तथा कर्मत्यागकी विधि24 श्लोक
    पृष्ठ 787
  13. 13अथ त्रयोदशोऽध्यायःहंसरूपसे सनकादिको दिये हुए उपदेशका वर्णन42 श्लोक
    पृष्ठ 792
  14. 14अथ चतुर्दशोऽध्यायःभक्तियोगकी महिमा तथा ध्यानविधिका वर्णन46 श्लोक
    पृष्ठ 798
  15. 15अथ पञ्चदशोऽध्यायःभिन्‍न-भिन्‍न सिद्धियोंके नाम और लक्षण36 श्लोक
    पृष्ठ 804
  16. 16अथ षोडशोऽध्यायःभगवान्‌की विभूतियोंका वर्णन44 श्लोक
    पृष्ठ 809
  17. 17अथ सप्तदशोऽध्यायःवर्णाश्रम-धर्म-निरूपण58 श्लोक
    पृष्ठ 814
  18. 18अथाष्टादशोऽध्यायःवानप्रस्थ और संन्यासीके धर्म48 श्लोक
    पृष्ठ 821
  19. 19अथैकोनविंशोऽध्यायःभक्ति, ज्ञान और यम-नियमादि साधनोंका वर्णन45 श्लोक
    पृष्ठ 827
  20. 20अथ विंशोऽध्यायःज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग37 श्लोक
    पृष्ठ 833
  21. 21अथैकविंशोऽध्यायःगुण-दोष-व्यवस्थाका स्वरूप और रहस्य43 श्लोक
    पृष्ठ 838
  22. 22अथ द्वाविंशोऽध्यायःतत्त्वोंकी संख्या और पुरुष-प्रकृति-विवेक60 श्लोक
    पृष्ठ 846
  23. 23अथ त्रयोविंशोऽध्यायःएक तितिक्षु ब्राह्मणका इतिहास62 श्लोक
    पृष्ठ 855
  24. 24अथ चतुर्विंशोऽध्यायःसांख्ययोग29 श्लोक
    पृष्ठ 862
  25. 25अथ पञ्चविंशोऽध्यायःतीनों गुणोंकी वृत्तियोंका निरूपण36 श्लोक
    पृष्ठ 866
  26. 26अथ षड्विंशोऽध्यायःपुरूरवाकी वैराग्योक्ति35 श्लोक
    पृष्ठ 871
  27. 27अथ सप्तविंशोऽध्यायःक्रियायोगका वर्णन55 श्लोक
    पृष्ठ 875
  28. 28अथाष्टाविंशोऽध्यायःपरमार्थनिरूपण44 श्लोक
    पृष्ठ 882
  29. 29अथैकोनत्रिंशोऽध्यायःभागवतधर्मोंका निरूपण और उद्धवजीका बदरिकाश्रमगमन49 श्लोक
    पृष्ठ 890
  30. 30अथ त्रिंशोऽध्यायःयदुकुलका संहार50 श्लोक
    पृष्ठ 897
  31. 31अथैकत्रिंशोऽध्यायःश्रीभगवान्‌का स्वधामगमन28 श्लोक
    पृष्ठ 903

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