भगवान् ऋषभदेवजीके शेष निन्यानबे पुत्रोंमें नौ पुत्र तो इस भारतवर्षके सब ओर स्थित नौ द्वीपोंके अधिपति हुए और इक्यासी पुत्र कर्मकाण्डके रचयिता ब्राह्मण हो गये॥ १९॥✎ 17241725
तेषां नव नवद्वीपपतयोऽस्य समन्ततः।
कर्मतन्त्रप्रणेतार एकाशीतिर्द्विजातयः॥ १९
भगवान् ऋषभदेवजीके शेष निन्यानबे पुत्रोंमें नौ पुत्र तो इस भारतवर्षके सब ओर स्थित नौ द्वीपोंके अधिपति हुए और इक्यासी पुत्र कर्मकाण्डके रचयिता ब्राह्मण हो गये॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.2.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 715) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/2/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)