॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 11.5.23
हंसः सुपर्णो वैकुण्ठो धर्मो योगेश्वरोऽमलः।
ईश्वरः पुरुषोऽव्यक्तः परमात्मेति गीयते॥ २३
haṃsaḥ suparṇo vaikuṇṭho dharmo yogeśvaro'malaḥ|
īśvaraḥ puruṣo'vyaktaḥ paramātmeti gīyate|| 23
अर्थ
वे लोग हंस, सुपर्ण, वैकुण्ठ, धर्म, योगेश्वर, अमल, ईश्वर, पुरुष, अव्यक्त और परमात्मा आदि नामोंके द्वारा भगवान्के गुण, लीला आदिका गान करते हैं॥ २३॥