श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.39

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

सिन्धोस्तटं चन्द्रभागां कौन्तीं काश्मीरमण्डलम्।

भोक्ष्यन्ति शूद्रा व्रात्याद्या म्लेच्छाश्‍चाब्रह्मवर्चसः॥ ३९

sindhostaṭaṃ candrabhāgāṃ kauntīṃ kāśmīramaṇḍalam|

bhokṣyanti śūdrā vrātyādyā mlecchāścābrahmavarcasaḥ|| 39

अर्थ

सिन्धुतट, चन्द्रभागाका तटवर्ती प्रदेश, कौन्तीपुरी और काश्मीर-मण्डलपर प्रायः शूद्रोंका, संस्कार एवं ब्रह्मतेजसे हीन नाममात्रके द्विजोंका और म्लेच्छोंका राज्य होगा॥ ३९॥

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