श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.12.1

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

अथ द्वादशोऽध्यायः

श्रीमद्भागवतकी संक्षिप्त विषय-सूची

सूत उवाच

नमो धर्माय महते नमः कृष्णाय वेधसे।

ब्राह्मणेभ्यो नमस्कृत्य धर्मान् वक्ष्ये सनातनान्॥ १

namo dharmāya mahate namaḥ kṛṣṇāya vedhase|

brāhmaṇebhyo namaskṛtya dharmān vakṣye sanātanān|| 1

अर्थ

सूतजी कहते हैं—भगवद्भक्तिरूप महान् धर्मको नमस्कार है। विश्‍वविधाता भगवान् श्रीकृष्णको नमस्कार है। अब मैं ब्राह्मणोंको नमस्कार करके श्रीमद्भागवतोक्त सनातन धर्मोंका संक्षिप्त विवरण सुनाता हूँ॥ १॥

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