श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.5.10

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

चोदितो विप्रवाक्येन न त्वां धक्ष्यति तक्षकः।

मृत्यवो नोपधक्ष्यन्ति मृत्यूनां मृत्युमीश्‍वरम्॥ १०

codito vipravākyena na tvāṃ dhakṣyati takṣakaḥ|

mṛtyavo nopadhakṣyanti mṛtyūnāṃ mṛtyumīśvaram|| 10

अर्थ

देखो, तुम मृत्युओंकी भी मृत्यु हो! तुम स्वयं ईश्‍वर हो। ब्राह्मणके शापसे प्रेरित तक्षक तुम्हें भस्म न कर सकेगा। अजी, तक्षककी तो बात ही क्या, स्वयं मृत्यु और मृत्युओंका समूह भी तुम्हारे पासतक न फटक सकेंगे॥ १०॥

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