शौनकजी! महर्षियोंने वेद और शास्त्रोंके अनुसार पुराणोंके लक्षण बतलाये हैं। अब तुम स्वस्थ होकर सावधानीसे उनका वर्णन सुनो॥ ८॥
पुराणलक्षणं ब्रह्मन् ब्रह्मर्षिभिर्निरूपितम्।
शृणुष्व बुद्धिमाश्रित्य वेदशास्त्रानुसारतः॥ ८
शौनकजी! महर्षियोंने वेद और शास्त्रोंके अनुसार पुराणोंके लक्षण बतलाये हैं। अब तुम स्वस्थ होकर सावधानीसे उनका वर्णन सुनो॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.7.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 943) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/7/8/