यद् यत् परीक्षिदृषभः पाण्डूनामनुपृच्छति।
आनुपूर्व्येण तत्सर्वमाख्यातुमुपचक्रमे॥ २९
पाण्डुवंशशिरोमणि परीक्षित्ने उनसे जो-जो प्रश्न किये थे, वे उन सबका उत्तर क्रमशः देने लगे॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.8.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 221) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/2/8/29/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)