tatra tatra patañchrānto mūrcchitaḥ punarutthitaḥ|
pathā pāpīyasā nītastamasā yamasādanam|| 23
अर्थ
वह जहाँ-तहाँ थककर गिर जाता है, मूर्च्छा आ जाती है, चेतना आनेपर फिर उठता है। इस प्रकार अति दुःखमय अँधेरे मार्गसे अत्यन्त क्रूर यमदूत उसे शीघ्रतासे यमपुरीको ले जाते हैं॥ २३॥
तत्र तत्र पतञ्छ्रान्तो मूर्च्छितः पुनरुत्थितः।
पथा पापीयसा नीतस्तमसा यमसादनम्॥ २३
वह जहाँ-तहाँ थककर गिर जाता है, मूर्च्छा आ जाती है, चेतना आनेपर फिर उठता है। इस प्रकार अति दुःखमय अँधेरे मार्गसे अत्यन्त क्रूर यमदूत उसे शीघ्रतासे यमपुरीको ले जाते हैं॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.30.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 387) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/30/23/