॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 4.1.12
याः कर्दमसुताः प्रोक्ता नव२ ब्रह्मर्षिपत्नयः।
तासां प्रसूतिप्रसवं प्रोच्यमानं निबोध मे॥ १२
yāḥ kardamasutāḥ proktā nava brahmarṣipatnayaḥ|
tāsāṃ prasūtiprasavaṃ procyamānaṃ nibodha me|| 12
अर्थ
मैं कर्दमजीकी नौ कन्याओंका, जो नौ ब्रह्मर्षियोंसे ब्याही गयी थीं, पहले ही वर्णन कर चुका हूँ। अब उनकी वंशपरम्पराका वर्णन करता हूँ, सुनो॥ १२॥
टिप्पणियाँ
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प्रा० पा०—क्ताःक्षत्तर्ब्रह्म०।