महाबली ध्रुवकी दूसरी स्त्री वायुपुत्री इला थी। उससे उनके उत्कल नामके एक पुत्र और एक कन्यारत्नका जन्म हुआ॥ २॥
इलायामपि भार्यायां वायोः पुत्र्यां महाबलः।
पुत्रमुत्कलनामानं योषिद्रत्नमजीजनत्॥ २
महाबली ध्रुवकी दूसरी स्त्री वायुपुत्री इला थी। उससे उनके उत्कल नामके एक पुत्र और एक कन्यारत्नका जन्म हुआ॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.10.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 461) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/10/2/