तू नासमझ है, तूने पूर्वकालमें ब्रह्माजीके उत्पन्न किये हुए अन्नादिके बीजोंको अपनेमें लीन कर लिया है और अब मेरी भी परवा न करके उन्हें अपने गर्भसे निकालती नहीं॥ २४॥✎ 393394395396397398399
त्वं खल्वोषधिबीजानि प्राक् सृष्टानि स्वयम्भुवा।
न मुंचस्यात्मरुद्धानि मामवज्ञाय मन्दधीः॥ २४
तू नासमझ है, तूने पूर्वकालमें ब्रह्माजीके उत्पन्न किये हुए अन्नादिके बीजोंको अपनेमें लीन कर लिया है और अब मेरी भी परवा न करके उन्हें अपने गर्भसे निकालती नहीं॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.17.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 491) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/17/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (7)