श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.19.21

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

एतेन पूजाविधिना मासान् द्वादश हायनम्।

नीत्वाथोपचरेत्साध्वी कार्तिके चरमेऽहनि॥ २१

etena pūjāvidhinā māsān dvādaśa hāyanam|

nītvāthopacaretsādhvī kārtike carame'hani|| 21

अर्थ

साध्वी स्त्री इस विधिसे बारह महीनोंतक—पूरे सालभर इस व्रतका आचरण करके मार्गशीर्षकी अमावास्याको उद्यापनसम्बन्धी उपवास और पूजन आदि करे॥ २१॥

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