॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 6.4.36
कृतपादः सुपर्णांसे प्रलम्बाष्टमहाभुजः।
चक्रशङ्खासिचर्मेषुधनुःपाशगदाधरः ॥ ३६
kṛtapādaḥ suparṇāṃse pralambāṣṭamahābhujaḥ|
cakraśaṅkhāsicarmeṣudhanuḥpāśagadādharaḥ || 36
अर्थ
उस समय भगवान् गरुड़के कंधोंपर चरण रखे हुए थे। विशाल एवं हृष्ट-पुष्ट आठ भुजाएँ थीं; उनमें चक्र, शंख, तलवार, ढाल, बाण, धनुष, पाश और गदा धारण किये हुए थे॥ ३६॥✎ 511