श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.9.19

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तं निजघ्नुरभिद्रुत्य सगणा विबुधर्षभाः।

स्वैः स्वैर्दिव्यास्त्रशस्त्रौघैः सोऽग्रसत् तानि कृत्स्नशः॥ १९

taṃ nijaghnurabhidrutya sagaṇā vibudharṣabhāḥ|

svaiḥ svairdivyāstraśastraughaiḥ so'grasat tāni kṛtsnaśaḥ|| 19

अर्थ

बड़े-बड़े देवता अपने-अपने अनुयायियोंके सहित एक साथ ही उसपर टूट पड़े तथा अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्रोंसे प्रहार करने लगे। परन्तु वृत्रासुर उनके सारे अस्त्र-शस्त्रोंको निगल गया॥ १९॥

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