॥ श्रीहरिः ॥
श्रुतमेतन्मया पूर्वं ज्ञानं विज्ञानसंयुतम्।
धर्मं भागवतं शुद्धं नारदाद् देवदर्शनात्॥ २८
śrutametanmayā pūrvaṃ jñānaṃ vijñānasaṃyutam|
dharmaṃ bhāgavataṃ śuddhaṃ nāradād devadarśanāt|| 28
अर्थ
यह विज्ञानसहित ज्ञान विशुद्ध भागवतधर्म है। इसे मैंने भगवान्का दर्शन करानेवाले देवर्षि नारदजीके मुँहसे ही पहले-पहल सुना था॥ २८॥
श्रुतमेतन्मया पूर्वं ज्ञानं विज्ञानसंयुतम्।
धर्मं भागवतं शुद्धं नारदाद् देवदर्शनात्॥ २८
यह विज्ञानसहित ज्ञान विशुद्ध भागवतधर्म है। इसे मैंने भगवान्का दर्शन करानेवाले देवर्षि नारदजीके मुँहसे ही पहले-पहल सुना था॥ २८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.6.28 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 840) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/6/28/