इन्द्रने देखा कि बलिके बाण तो हमें घायल करना ही चाहते हैं। तब उन्होंने बड़ी फुर्तीसे उतने ही तीखे भल्ल नामक बाणोंसे उनको वहाँतक पहुँचनेके पहले ही हँसते-हँसते काट डाला॥ ४२॥
स तानापततः शक्रस्तावद्भिः शीघ्रविक्रमः।
चिच्छेद निशितैर्भल्लैरसम्प्राप्तान्हसन्निव॥ ४२
इन्द्रने देखा कि बलिके बाण तो हमें घायल करना ही चाहते हैं। तब उन्होंने बड़ी फुर्तीसे उतने ही तीखे भल्ल नामक बाणोंसे उनको वहाँतक पहुँचनेके पहले ही हँसते-हँसते काट डाला॥ ४२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.42 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 955) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/10/42/