॥ श्रीहरिः ॥
मनुर्वा इन्द्रसावर्णिश्चतुर्दशम एष्यति।
उरुगम्भीरबुद्ध्याद्या इन्द्रसावर्णिवीर्यजाः॥ ३३
manurvā indrasāvarṇiścaturdaśama eṣyati|
urugambhīrabuddhyādyā indrasāvarṇivīryajāḥ|| 33
अर्थ
महाराज! चौदहवें मनु होंगे इन्द्रसावर्णि। उरु, गम्भीर, बुद्धि आदि उनके पुत्र होंगे॥ ३३॥
मनुर्वा इन्द्रसावर्णिश्चतुर्दशम एष्यति।
उरुगम्भीरबुद्ध्याद्या इन्द्रसावर्णिवीर्यजाः॥ ३३
महाराज! चौदहवें मनु होंगे इन्द्रसावर्णि। उरु, गम्भीर, बुद्धि आदि उनके पुत्र होंगे॥ ३३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.33 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 972) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/13/33/