yadi labhyeta vai srotasyetaṃ mantramudīrayet|| 26
अर्थ
अमावस्याके दिन यदि मिल सके तो सूअरकी खोदी हुई मिट्टीसे अपना शरीर मलकर नदीमें स्नान करे। उस समय यह मन्त्र पढ़ना चाहिये॥ २६॥✎ 751
सिनीवाल्यां मृदाऽऽलिप्य स्नायात् क्रोडविदीर्णया।
यदि लभ्येत वै स्रोतस्येतं मन्त्रमुदीरयेत्॥ २६
अमावस्याके दिन यदि मिल सके तो सूअरकी खोदी हुई मिट्टीसे अपना शरीर मलकर नदीमें स्नान करे। उस समय यह मन्त्र पढ़ना चाहिये॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.16.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 981) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/16/26/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)