श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.16.50

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

त्रयोदश्यामथो विष्णोः स्नपनं पञ्चकैर्विभोः।

कारयेच्छास्त्रदृष्टेन विधिना विधिकोविदैः॥ ५०

trayodaśyāmatho viṣṇoḥ snapanaṃ pañcakairvibhoḥ|

kārayecchāstradṛṣṭena vidhinā vidhikovidaiḥ|| 50

अर्थ

त्रयोदशीके दिन विधि जाननेवाले ब्राह्मणोंके द्वारा शास्त्रोक्त विधिसे भगवान् विष्णुको पंचामृतस्नान करावे॥ ५०॥

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