उनकी नाड़ियोंमें नदियाँ, नखोंमें शिलाएँ और बुद्धिमें ब्रह्मा, देवता एवं ऋषिगण दीख पड़े। इस प्रकार वीरवर बलिने भगवान्की इन्द्रियों और शरीरमें सभी चराचर प्राणियोंका दर्शन किया॥ २९॥✎ 7982037
नदीश्च नाडीषु शिला नखेषु
बुद्धावजं देवगणानृषींश्च।
प्राणेषु गात्रे स्थिरजङ्गमानि
सर्वाणि भूतानि ददर्श वीरः॥ २९
उनकी नाड़ियोंमें नदियाँ, नखोंमें शिलाएँ और बुद्धिमें ब्रह्मा, देवता एवं ऋषिगण दीख पड़े। इस प्रकार वीरवर बलिने भगवान्की इन्द्रियों और शरीरमें सभी चराचर प्राणियोंका दर्शन किया॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.20.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1001) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/20/29/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)