इतनेमें ही भगवान्का बताया हुआ वह समय आ पहुँचा। राजाने देखा कि समुद्र अपनी मर्यादा छोड़कर बढ़ रहा है। प्रलयकालके भयङ्कर मेघ वर्षा करने लगे। देखते-ही-देखते सारी पृथ्वी डूबने लगी॥ ४१॥✎ 838
ततः समुद्र उद्वेलः सर्वतः प्लावयन् महीम्।
वर्धमानो महामेघैर्वर्षद्भिः समदृश्यत॥ ४१
इतनेमें ही भगवान्का बताया हुआ वह समय आ पहुँचा। राजाने देखा कि समुद्र अपनी मर्यादा छोड़कर बढ़ रहा है। प्रलयकालके भयङ्कर मेघ वर्षा करने लगे। देखते-ही-देखते सारी पृथ्वी डूबने लगी॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1018) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/24/41/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)