भौमान् रेणून्स विममे यो विष्णोर्वर्णयेद् गुणान्॥ ६
tasyānubhāvaḥ kathito guṇāśca paramodayāḥ|
bhaumān reṇūnsa vimame yo viṣṇorvarṇayed guṇān|| 6
अर्थ
उन वैकुण्ठनाथके कल्याणमय गुण और प्रभावका वर्णन मैं संक्षेपसे (तीसरे स्कन्धमें) कर चुका हूँ। भगवान् विष्णुके सम्पूर्ण गुणोंका वर्णन तो वह करे, जिसने पृथ्वीके परमाणुओंकी गिनती कर ली हो॥ ६॥✎ 679
तस्यानुभावः कथितो गुणाश्च परमोदयाः।
भौमान् रेणून्स विममे यो विष्णोर्वर्णयेद् गुणान्॥ ६
उन वैकुण्ठनाथके कल्याणमय गुण और प्रभावका वर्णन मैं संक्षेपसे (तीसरे स्कन्धमें) कर चुका हूँ। भगवान् विष्णुके सम्पूर्ण गुणोंका वर्णन तो वह करे, जिसने पृथ्वीके परमाणुओंकी गिनती कर ली हो॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.5.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 923) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/5/6/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)