sthānaṃ yaḥ praviśedetat sa vai yoṣid bhavediti|| 32
अर्थ
उसी समय भगवान् शंकरने अपनी प्रिया भगवती अम्बिकाको प्रसन्न करनेके लिये कहा कि ‘मेरे सिवा जो भी पुरुष इस स्थानमें प्रवेश करेगा, वही स्त्री हो जायेगा’॥ ३२॥
तदिदं भगवानाह प्रियायाः प्रियकाम्यया।
स्थानं यः प्रविशेदेतत् स वै योषिद् भवेदिति॥ ३२
उसी समय भगवान् शंकरने अपनी प्रिया भगवती अम्बिकाको प्रसन्न करनेके लिये कहा कि ‘मेरे सिवा जो भी पुरुष इस स्थानमें प्रवेश करेगा, वही स्त्री हो जायेगा’॥ ३२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.32 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 10) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/1/32/