श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.1.39

नवम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

मासं पुमान् स भविता मासं स्त्री तव गोत्रजः।

इत्थं व्यवस्थया कामं सुद्युम्‍नोऽवतु मेदिनीम्॥ ३९

māsaṃ pumān sa bhavitā māsaṃ strī tava gotrajaḥ|

itthaṃ vyavasthayā kāmaṃ sudyumno'vatu medinīm|| 39

अर्थ

‘वसिष्ठ! तुम्हारा यह यजमान एक महीनेतक पुरुष रहेगा और एक महीनेतक स्त्री। इस व्यवस्थासे सुद्युम्‍न इच्छानुसार पृथ्वीका पालन करे’॥ ३९॥

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