श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! कोसलाधीश भगवान् श्रीरामचन्द्रजीकी आज्ञासे विभीषणने अपने स्वजन-सम्बन्धियोंका पितृयज्ञकी विधिसे शास्त्रके अनुसार अन्त्येष्टिकर्म किया॥ २९॥✎ 2049
स्वानां विभीषणश्चक्रे कोसलेन्द्रानुमोदितः।
पितृमेधविधानेन यदुक्तं साम्परायिकम्॥ २९
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! कोसलाधीश भगवान् श्रीरामचन्द्रजीकी आज्ञासे विभीषणने अपने स्वजन-सम्बन्धियोंका पितृयज्ञकी विधिसे शास्त्रके अनुसार अन्त्येष्टिकर्म किया॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.10.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 57) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/10/29/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)