इस प्रकार सारे भूमण्डलका दान करके उन्होंने अपने शरीरके वस्त्र और अलंकार ही अपने पास रखे। इसी प्रकार महारानी सीताजीके पास भी केवल मांगलिक वस्त्र और आभूषण ही बच रहे॥ ४॥
इत्ययं तदलंकारवासोभ्यामवशेषितः।
तथा राज्ञ्यपि वैदेही सौमंगल्यावशेषिता॥ ४
इस प्रकार सारे भूमण्डलका दान करके उन्होंने अपने शरीरके वस्त्र और अलंकार ही अपने पास रखे। इसी प्रकार महारानी सीताजीके पास भी केवल मांगलिक वस्त्र और आभूषण ही बच रहे॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.11.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 61) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/11/4/