श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.14.13

नवम स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

ब्रह्मा तां रह आहूय समप्राक्षीच्च सान्त्वयन्।

सोमस्येत्याह शनकैः सोमस्तं तावदग्रहीत्॥ १३

brahmā tāṃ raha āhūya samaprākṣīcca sāntvayan|

somasyetyāha śanakaiḥ somastaṃ tāvadagrahīt|| 13

अर्थ

उसी समय ब्रह्माजीने ताराको एकान्तमें बुलाकर बहुत कुछ समझा-बुझाकर पूछा। तब ताराने धीरेसे कहा कि ‘चन्द्रमाका।’ इसलिये चन्द्रमाने उस बालकको ले लिया॥ १३॥

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