श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.16.24

नवम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

स्वदेहं जमदग्‍निस्तु लब्ध्वा संज्ञानलक्षणम्।

ऋषीणां मण्डले सोऽभूत् सप्तमो रामपूजितः॥ २४

svadehaṃ jamadagnistu labdhvā saṃjñānalakṣaṇam|

ṛṣīṇāṃ maṇḍale so'bhūt saptamo rāmapūjitaḥ|| 24

अर्थ

महर्षि जमदग्‍निको स्मृतिरूप संकल्पमय शरीरकी प्राप्ति हो गयी। परशुरामजीसे सम्मानित होकर वे सप्तर्षियोंके मण्डलमें सातवें ऋषि हो गये॥ २४॥

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