श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.23

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

पितर्युपरते सोऽपि चक्रवर्ती महायशाः।

महिमा गीयते तस्य हरेरंशभुवो भुवि॥ २३

pitaryuparate so'pi cakravartī mahāyaśāḥ|

mahimā gīyate tasya hareraṃśabhuvo bhuvi|| 23

अर्थ

परीक्षित्! पिता दुष्यन्तकी मृत्यु हो जानेके बाद वह परम यशस्वी बालक चक्रवर्ती सम्राट् हुआ। उसका जन्म भगवान्‌के अंशसे हुआ था। आज भी पृथ्वीपर उसकी महिमाका गान किया जाता है॥ २३॥✎ 1647

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1647 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: पद-पर → पदपर

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