श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.7

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

तस्य मेधातिथिस्तस्मात् प्रस्कण्वाद्या द्विजातयः।

पुत्रोऽभूत् सुमते रैभ्यो दुष्यन्तस्तत्सुतो मतः॥ ७

tasya medhātithistasmāt praskaṇvādyā dvijātayaḥ|

putro'bhūt sumate raibhyo duṣyantastatsuto mataḥ|| 7

अर्थ

कण्वका पुत्र मेधातिथि हुआ। इसी मेधातिथिसे प्रस्कण्व आदि ब्राह्मण उत्पन्‍न हुए। सुमतिका पुत्र रैभ्य हुआ, इसी रैभ्यका पुत्र दुष्यन्त था॥ ७॥

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