रुचिराश्वका पुत्र पार था और पारका पृथुसेन। पारके दूसरे पुत्रका नाम नीप था। उसके सौ पुत्र थे॥ २४॥
रुचिराश्वसुतः पारः पृथुसेनस्तदात्मजः।
पारस्य तनयो नीपस्तस्य पुत्रशतं त्वभूत्॥ २४
रुचिराश्वका पुत्र पार था और पारका पृथुसेन। पारके दूसरे पुत्रका नाम नीप था। उसके सौ पुत्र थे॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.21.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 102) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/21/24/