भर्म्याश्वके पुत्र मुद्गलसे यमज (जुड़वाँ) सन्तान हुई। उनमें पुत्रका नाम था दिवोदास और कन्याका अहल्या। अहल्याका विवाह महर्षि गौतमसे हुआ। गौतमके पुत्र हुए शतानन्द॥ ३४॥
मिथुनं मुद्गलाद् भार्म्याद् दिवोदासः पुमानभूत्।
अहल्या कन्यका यस्यां शतानन्दस्तु गौतमात्॥ ३४
भर्म्याश्वके पुत्र मुद्गलसे यमज (जुड़वाँ) सन्तान हुई। उनमें पुत्रका नाम था दिवोदास और कन्याका अहल्या। अहल्याका विवाह महर्षि गौतमसे हुआ। गौतमके पुत्र हुए शतानन्द॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.21.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 103) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/21/34/