श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.21.34

नवम स्कन्ध · अध्याय 21 · अथैकविंशोऽध्यायः

मिथुनं मुद्गलाद् भार्म्याद् दिवोदासः पुमानभूत्।

अहल्या कन्यका यस्यां शतानन्दस्तु गौतमात्॥ ३४

mithunaṃ mudgalād bhārmyād divodāsaḥ pumānabhūt|

ahalyā kanyakā yasyāṃ śatānandastu gautamāt|| 34

अर्थ

भर्म्याश्‍वके पुत्र मुद्गलसे यमज (जुड़वाँ) सन्तान हुई। उनमें पुत्रका नाम था दिवोदास और कन्याका अहल्या। अहल्याका विवाह महर्षि गौतमसे हुआ। गौतमके पुत्र हुए शतानन्द॥ ३४॥

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