संवरणका विवाह सूर्यकी कन्या तपतीसे हुआ। उन्हींके गर्भसे कुरुक्षेत्रके स्वामी कुरुका जन्म हुआ। कुरुके चार पुत्र हुए—परीक्षित्, सुधन्वा, जह्नु और निषधाश्व॥ ४॥
तपत्यां सूर्यकन्यायां कुरुक्षेत्रपतिः कुरुः।
परीक्षित् सुधनुर्जह्नुर्निषधाश्वः कुरोः सुताः॥ ४
संवरणका विवाह सूर्यकी कन्या तपतीसे हुआ। उन्हींके गर्भसे कुरुक्षेत्रके स्वामी कुरुका जन्म हुआ। कुरुके चार पुत्र हुए—परीक्षित्, सुधन्वा, जह्नु और निषधाश्व॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.22.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 104) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/22/4/