श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.22.48

नवम स्कन्ध · अध्याय 22 · अथ द्वाविंशोऽध्यायः

क्षेमोऽथ सुव्रतस्तस्माद् धर्मसूत्रः शमस्ततः।

द्युमत्सेनोऽथ सुमतिः सुबलो जनिता ततः॥ ४८

kṣemo'tha suvratastasmād dharmasūtraḥ śamastataḥ|

dyumatseno'tha sumatiḥ subalo janitā tataḥ|| 48

अर्थ

शुचिसे क्षेम, क्षेमसे सुव्रत, सुव्रतसे धर्मसूत्र, धर्मसूत्रसे शम, शमसे द्युमत्सेन, द्युमत्सेनसे सुमति और सुमतिसे सुबलका जन्म होगा॥ ४८॥

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