श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.23.29

नवम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

तेषां ज्येष्ठो वीतिहोत्रो वृष्णिः पुत्रो मधोः स्मृतः।

तस्य पुत्रशतं त्वासीद् वृष्णिज्येष्ठं यतः कुलम्॥ २९

teṣāṃ jyeṣṭho vītihotro vṛṣṇiḥ putro madhoḥ smṛtaḥ|

tasya putraśataṃ tvāsīd vṛṣṇijyeṣṭhaṃ yataḥ kulam|| 29

अर्थ

उन सौ पुत्रोंमें सबसे बड़ा था वीतिहोत्र। वीतिहोत्रका पुत्र मधु हुआ। मधुके सौ पुत्र थे। उनमें सबसे बड़ा था वृष्णि॥ २९॥

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