yaduputrasya ca kroṣṭoḥ putro vṛjinavāṃstataḥ|| 30
अर्थ
परीक्षित्! इन्हीं मधु, वृष्णि और यदुके कारण यह वंश माधव, वार्ष्णेय और यादवके नामसे प्रसिद्ध हुआ। यदुनन्दन क्रोष्टुके पुत्रका नाम था वृजिनवान्॥ ३०॥
माधवा वृष्णयो राजन् यादवाश्चेति संज्ञिताः।
यदुपुत्रस्य च क्रोष्टोः पुत्रो वृजिनवांस्ततः॥ ३०
परीक्षित्! इन्हीं मधु, वृष्णि और यदुके कारण यह वंश माधव, वार्ष्णेय और यादवके नामसे प्रसिद्ध हुआ। यदुनन्दन क्रोष्टुके पुत्रका नाम था वृजिनवान्॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.23.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 111) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/23/30/