परीक्षित्! वसुदेवजीके धृतदेवाके गर्भसे विपृष्ठ नामका एक ही पुत्र हुआ और शान्तिदेवासे श्रम और प्रतिश्रुत आदि कई पुत्र हुए॥ ५०॥
विपृष्ठो धृतदेवायामेक आनकदुन्दुभेः।
शान्तिदेवात्मजा राजञ्छ्रमप्रतिश्रुतादयः॥ ५०
परीक्षित्! वसुदेवजीके धृतदेवाके गर्भसे विपृष्ठ नामका एक ही पुत्र हुआ और शान्तिदेवासे श्रम और प्रतिश्रुत आदि कई पुत्र हुए॥ ५०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.24.50 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 116) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/24/50/