श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.51

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

राजानः कल्पवर्षाद्या उपदेवासुता दश।

वसुहंससुवंशाद्याः श्रीदेवायास्तु षट् सुताः॥ ५१

rājānaḥ kalpavarṣādyā upadevāsutā daśa|

vasuhaṃsasuvaṃśādyāḥ śrīdevāyāstu ṣaṭ sutāḥ|| 51

अर्थ

उपदेवाके पुत्र कल्पवर्ष आदि दस राजा हुए और श्रीदेवाके वसु, हंस, सुवंश आदि छः पुत्र हुए॥ ५१॥

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