श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.4.59

नवम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

तस्य विश्‍वेश्‍वरस्येदं शस्त्रं दुर्विषहं हि नः।

तमेव शरणं याहि हरिस्ते शं विधास्यति॥ ५९

tasya viśveśvarasyedaṃ śastraṃ durviṣahaṃ hi naḥ|

tameva śaraṇaṃ yāhi hariste śaṃ vidhāsyati|| 59

अर्थ

यह चक्र उन विश्‍वेश्‍वरका शस्त्र है। यह हमलोगोंके लिये असह्य है। तुम उन्हींकी शरणमें जाओ। वे भगवान् ही तुम्हारा मंगल करेंगे’॥ ५९॥

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