श्रीशुकदेवजी कहते हैं—रोहितका पुत्र था हरित। हरितसे चम्प हुआ। उसीने चम्पापुरी बसायी थी। चम्पसे सुदेव और उसका पुत्र विजय हुआ॥ १॥
हरितो रोहितसुतश्चम्पस्तस्माद् विनिर्मिता।
चम्पापुरी सुदेवोऽतो विजयो यस्य चात्मजः॥ १
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—रोहितका पुत्र था हरित। हरितसे चम्प हुआ। उसीने चम्पापुरी बसायी थी। चम्पसे सुदेव और उसका पुत्र विजय हुआ॥ १॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.8.1 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 41) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/8/1/