सगरकी दूसरी पत्नीका नाम था केशिनी। उसके गर्भसे उन्हें असमंजस नामका पुत्र हुआ था। असमंजसके पुत्रका नाम था अंशुमान्। वह अपने दादा सगरकी आज्ञाओंके पालन तथा उन्हींकी सेवामें लगा रहता॥ १५॥
योऽसमंजस इत्युक्तः स केशिन्या नृपात्मजः।
तस्य पुत्रोंऽशुमान् नाम पितामहहिते रतः॥ १५
सगरकी दूसरी पत्नीका नाम था केशिनी। उसके गर्भसे उन्हें असमंजस नामका पुत्र हुआ था। असमंजसके पुत्रका नाम था अंशुमान्। वह अपने दादा सगरकी आज्ञाओंके पालन तथा उन्हींकी सेवामें लगा रहता॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.8.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 43) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/8/15/