॥ श्रीहरिः ॥
सप्ताहेन श्रुतं चैतत्सर्वथा मुक्तिदायकम्।
सनकाद्यैः पुरा प्रोक्तं नारदाय दयापरैः॥ २१
saptāhena śrutaṃ caitatsarvathā muktidāyakam|
sanakādyaiḥ purā proktaṃ nāradāya dayāparaiḥ|| 21
अर्थ
सप्ताह-विधिसे श्रवण करनेपर यह निश्चय भक्ति प्रदान करता है। पूर्वकालमें इसे दयापरायण सनकादिने देवर्षि नारदको सुनाया था॥ २१॥
सप्ताहेन श्रुतं चैतत्सर्वथा मुक्तिदायकम्।
सनकाद्यैः पुरा प्रोक्तं नारदाय दयापरैः॥ २१
सप्ताह-विधिसे श्रवण करनेपर यह निश्चय भक्ति प्रदान करता है। पूर्वकालमें इसे दयापरायण सनकादिने देवर्षि नारदको सुनाया था॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 35) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/21/