शौनकजी बोले—सूतजी! आपका ज्ञान अज्ञानान्धकारको नष्ट करनेके लिये करोड़ों सूर्योंके समान है। आप हमारे कानोंके लिये रसायन—अमृतस्वरूप सारगर्भित कथा कहिये॥ ४॥✎ 15601561
अज्ञानध्वान्तविध्वंसकोटिसूर्यसमप्रभ ।
सूताख्याहि कथासारं मम कर्णरसायनम्॥ ४
शौनकजी बोले—सूतजी! आपका ज्ञान अज्ञानान्धकारको नष्ट करनेके लिये करोड़ों सूर्योंके समान है। आप हमारे कानोंके लिये रसायन—अमृतस्वरूप सारगर्भित कथा कहिये॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 33) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/4/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)