इस समय लोगोंके कुकर्ममें प्रवृत्त होनेके कारण सभी वस्तुओंका सार निकल गया है और पृथ्वीके सारे पदार्थ बीजहीन भूसीके समान हो गये हैं॥ ७०॥
कुकर्माचरणात्सारः सर्वतो निर्गतोऽधुना।
पदार्थाः संस्थिता भूमौ बीजहीनास्तुषा यथा॥ ७०
इस समय लोगोंके कुकर्ममें प्रवृत्त होनेके कारण सभी वस्तुओंका सार निकल गया है और पृथ्वीके सारे पदार्थ बीजहीन भूसीके समान हो गये हैं॥ ७०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.70 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 39) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/70/