सिंहकी गर्जना सुनकर जैसे भेड़िये भाग जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवतकी ध्वनिसे कलियुगके सारे दोष नष्ट हो जायँगे॥ ६२॥✎ 1564
प्रलयं हि गमिष्यन्ति श्रीमद्भागवतध्वनेः।
कलेर्दोषा इमे सर्वे सिंहशब्दाद् वृका इव॥ ६२
सिंहकी गर्जना सुनकर जैसे भेड़िये भाग जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवतकी ध्वनिसे कलियुगके सारे दोष नष्ट हो जायँगे॥ ६२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.2.62 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 45) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/2/62/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)